( रिपोर्ट – अविनाश पाण्डेय, रायबरेली )
ऊंचाहार के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों को बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिल पा रही हैं। अस्पताल में एक्स-रे मशीन और ऑपरेटर नहीं होने से मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है।
सोमवार को अमर चेतना टीम ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दौरा किया तो स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों के लिए शौचालय की सुविधा भी नहीं है। डॉक्टरों की कमी से मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ता है। केवल एक सर्जन एम. अख्तर पूरे अस्पताल की जिम्मेदारी संभालते नजर आए। वह अकेले ही ओपीडी और ऑपरेशन दोनों देखते हैं।
ऑपरेशन में ज्यादा समय लगने पर कई मरीजों को घंटों इंतजार के बाद बिना इलाज के लौटना पड़ता है। इस वजह से लोग महंगे प्राइवेट अस्पतालों में जाने को मजबूर हैं।
कर्मचारियों की लापरवाही से अस्पताल परिसर में गंदगी का माहौल है। बेड और मेडिकल उपकरणों पर धूल जमी रहती है। स्थानीय लोगों की मांग है कि अस्पताल में डॉक्टरों की संख्या बढ़ाई जाए, ताकि सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके।बोर्ड पर तो सभी सेवाओं का उल्लेख है और कमरे भी बने हुए हैं, लेकिन वास्तविक सुविधाएं नदारद हैं। इस कारण मरीजों को अपनी जेब से अधिक खर्च करना पड़ रहा है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में फैली अव्यवस्थाओं को लेकर जानकारी के लिए सीएचसी अधीक्षक मनोज शुक्ल से संपर्क करने का प्रयास किया गया परन्तु उनसे संपर्क नहीं हो पाया है।
अब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सारी सुविधाएं कब तक बहाल होंगी यह तो आने वाला समय ही बताएगा। क्षेत्र के लोगों के लिए ऊंचाहार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ही रायबरेली से पहले प्रमुख सहारा है। यहां भी सुविधाएं बदतर होना चिंताजनक है।