ऊंचाहार में त्योहारों के दौरान बाजार में व्यापारियों की मनमानी चरम पर है। सब्जी, फल और मिठाइयों की कीमतों में भारी वृद्धि हो गई है। खाद्य सुरक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
नगर के अधिकांश दुकानों पर खाद्य सुरक्षा विभाग का प्रमाणपत्र तक नहीं है। प्रसिद्ध रेस्टोरेंट के आसपास गंदगी का अंबार लगा हुआ है। नालियां गंदगी से अटी पड़ी हैं। खाद्य पदार्थों को खुले में रखा जा रहा है। दुकानदार राजमार्ग पर अतिक्रमण कर रहे हैं।
13 मार्च को जब उपजिलाधिकारी सिद्धार्थ चौधरी से इस बारे में बात की गई, तो वे बाजार की वर्तमान स्थिति से अनजान दिखे। वे एक भी ऐसी दुकान का नाम नहीं बता पाए, जहां से खाद्य सुरक्षा विभाग ने नमूने लिए हों। उन्होंने कहा कि वे खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी से बात करेंगे। एक घंटे बाद जब दोबारा संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।
प्रशासन की इस लापरवाही का फायदा उठाकर व्यापारी मनमानी कीमतें वसूल रहे हैं। आम जनता को महंगे दामों पर सामान खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। शिकायतें करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।